राम राम सा !
भरतपुर पूर्वी राजस्थान का सिंहद्वार ,अमिट पहचान विदेशों तक नाम लोहागढ़ से मशहूर ,आजादी से पहले और बाद के परिदृश्य पर नजर डाली जाए तो हमारा दोहन हुआ है ,सामाजिक ताने बाने को अलग अलग तरह से तोड़ा गया है। हमारी पहचान को मिटाने की कोशिश हुई है अभी भी हो रही है ,भरतपुर के बाशिंदे चाहे वो किसी भी धर्म ,जाति,समूह से ताल्लुक रखते हों सभी का एक जैसा टशन !! किसी से भी इसका कारण पूछिये ?? यही कहेगा " मैं भरतपुर कोउ " !! इसी पर अपनी जिज्ञासा बढ़ाइए और सोचिए असल मे हम कहाँ है क्या हम इस गर्वित होने वाली पहचान को बरकरार रखने का माद्दा रखतें है ...शायद नही !! लोकतंत्र के इस प्रतियोगी दौर में राजनैतिक दलों ने हमें बांट दिया ,जिस बात पर हम सामुहिक गर्व महसूस करते थे अब उसमे कमी महसूस होने लगी है हम अपनी पहचान खो रहे हैं ,दूसरे की तथाकथित सकारात्मक सोच की नकल भर करने लगे है ,नतीजा हम फिसड्डी साबित हो रहे हैं !! जिले का भौगोलिक रूप किसी जमाने मे दूसरे देशों तक प्रशंशनीय था आज अभिशाप बन गया है !! उधोग धंधे प्रसारित दादागिरी की भेंट चढ़ गए किसानियत को पानी की अनुउप्लब्धता खा गई !! परम्परागत जलीय स्रोत बिल्कुल खत्म हो गए !! कोई कार्ययोजना नही सिर्फ कागजी घोड़े लेकर हम खुद की पीठ थपथपा रहे हैं !! निकट भविष्य में अगर कोई समाधान नही तलाशा गया तो वो दिन दूर नही जब यहाँ की जनता प्यासी मरेगी !!!जनता की आवाज कोई बनने को तैयार नही ,किसीके भी कानों में यह बात नही जा रही कि हमे कुछ कदम इस बाबत उठाने चाहिए कि जिले को कृषि के लिए पानी की व्यवस्था हो सके !! पानी सिर्फ कृषि के लिए ही जरूरी नही है इसके बिना कुछ भी संभव नहीं!! मसलन भविष्य अंधकारमय है ,सब्जबाग दिखाकर हमें ठगा जा रहा है लेकिन जरूरत को कोई नही समझ रहा !! राजनीतिक पार्टियों ने एक जातिगत ढर्रे को अपनी ढाल बना लिया है ,मूल सुविधाओ से उनका कोई सरोकार नही !! जिलेके कई संगठनो द्वारा पानी के लिए आंदोलन किये जा रहे हैं लेकिन आंदोलनों में अपनी पार्टियों के दबाब की वजह से हम अपने भरतपुर को भूल गए !! जिले के विकास के लिए हम सभी को पार्टीबाजी से ऊपर उठकर सोचना होगा !! झूठ को इतना प्रचारित किया जाता है कि जनता इसे सच मान लेती है और यही झूठ आम आदमी को नुकसान के सिवा कुछ नही दे रहा ...भरतपुर के लिए पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना में कुछ भी नही ,सिर्फ एक बांध को जोड़ने से हमारा भला कैसे होगा !! इसके लिए हमें अपने जिले से लगाव रखना होगा ,राजनैतिक मंचो पर जोरदार तरीके मांग रखनी होगी ,पार्टी से भी अपनी मातृभूमि के लिए लड़ना होगा तब जाकर कुछ हो पायेगा !! अभी हाल ही मे हमारी सांसद महोदया पर तथाकथित हमला हुआ ,और उसके कुछ ही दिन बाद एक मारपीट के चक्कर मे उनके भाई को भी पुलिस ने पकड़ कर गिरफ्तार कर लिया !! इस पूरे प्रकरण की शिकायत माननीय सांसद महोदया अपनी पार्टी के राष्टीय अध्यक्ष जी करने गुई लेकिन कभी उनसे जिले की खुशहाली के जरूरी पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना पर आजतक बात नही की !! उनकी इसमे क्या मंशा है यह तो वही जाने लेकिन जिले के साथ जो कर्तव्य एक सांसद का होना चाहिए असल मे वो दिखता नही !!आप सभी से निवेदन है जितने भी अपने जिले के जनप्रनिधि है आप अपने अपने क्षेत्र में जाकर उनसे पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना के लिए आवाज उठाने को कहो !! और मांग कीजिये कि पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को भरतपुर में प्राचीन जल स्रोतों से जोड़ने की मांग की जाए ,जिससे भविष्य की पीढ़ी को अपने जीवन यापन में कठिनाई न आये आप सभी से अनुरोध है आप अपने अपने क्षेत्र के विधायक और दूसरे जनप्रतिनिधियों से मांग को बड़े स्तर पर करने के लिए एक समग्र अभियान चलाने का प्रयास करेंगे आप सभी से विनम्र अनुरोध है पार्टी लाइन से हटकर जिले के विकास के लिए एक साथ सभी मिलकर इस मांग को केंद्र सरकार के सामने रखने के लिए एक बृहत आंदोलन चलाने की रूपरेखा पर बिचार करें । आशा ही नही वरन पूर्णतः भरोसा है इस बारे में जल्द किसी रूपरेखा को अंतिम रूप देकर सरकारी मशीनरी को एक सख्त सन्देश देने की पहल होगी .....
आपका
निर्भय सिंह बडेसरा