जिंदगी की जद्दो जहद में ये समय बड़ा तेजी से निकलता है ,इसके भी अपने अपने मायने है । कोई कहता है समय कटता नही और कोई कहता है कि समय मिलता नही । ऐसे में खुद को कहा खड़ा पाते है ये देखने वाली बात है ।
सुख दुःख का अपना दौर है , और इसे सभी अपने अपने तरीके से जीते । आज के भौतिकवादी युग में सभी एक दूसरे से जीने के तरीके की प्रतिस्पर्धा में ज्यादा लगे हुए है । हमे अपनी जरुरतो के हिसाब से अपने जीने के तरीके अपनाने चाहिए जबकि ऐसा होता नही । पड़ोसी के घर में फ्रीज ,वाशिंग मशीन, ए सी सभी चीजे हो सकती है और आपके पास उन सब का अभाव है तो इसका असर आपकी व्यवहारिक जिंदगी पर जरूर पड़ेगा । अब इसका पड़ने वाला असर भी हमारी सोच से ही परिलक्षित होता । सोच सकारात्मक है तो आप अपने सबंध पडोसी से मधुर रखेंगे और कभी कभार किसी मौके पर उनके घर से फ्रीज का ठंडा पानी आप ले सकते है । पर यह आपके व्यव्हार पर ही निर्भर करेगा । अगर आप उनके बारे में अपने दिल में नकारात्मक सोच रखते है तो उनके बारें में हमेशा गलत आंकलन करते रहेंगे । हमेशा अपने लिए किसी भी मोके पर उनसे वाद विवाद करने के बहाने तलाशने चाहेंगे । इसका एक उदाहरण ऐसे भीं समझाया जा सकता है । आपने अपनी ऊँगली में सोने की अंगूठी पहनी हुयी है और मेरी ऊँगली कट गयी है । मैं अपनी कटी ऊँगली का दर्द भूल गया ,लेकिन आपकी अंगूठी मेरी जलन का मुख्य कारण है । अगर यही सकारात्मक सोच का अंदाज होता तो मैं खुद यही सोचता कि उसने सोने की अंगूठी अपनी मेहनत से पहनी है और तू तो खुद पहन ही नही सकता क्यूं कि तेरी तो कटी हुयी है । असल में दुःख का कारण यही है । ये दुःख अपनी सोच से ही मिटाया जा सकता है ।
सुख दुःख का अपना दौर है , और इसे सभी अपने अपने तरीके से जीते । आज के भौतिकवादी युग में सभी एक दूसरे से जीने के तरीके की प्रतिस्पर्धा में ज्यादा लगे हुए है । हमे अपनी जरुरतो के हिसाब से अपने जीने के तरीके अपनाने चाहिए जबकि ऐसा होता नही । पड़ोसी के घर में फ्रीज ,वाशिंग मशीन, ए सी सभी चीजे हो सकती है और आपके पास उन सब का अभाव है तो इसका असर आपकी व्यवहारिक जिंदगी पर जरूर पड़ेगा । अब इसका पड़ने वाला असर भी हमारी सोच से ही परिलक्षित होता । सोच सकारात्मक है तो आप अपने सबंध पडोसी से मधुर रखेंगे और कभी कभार किसी मौके पर उनके घर से फ्रीज का ठंडा पानी आप ले सकते है । पर यह आपके व्यव्हार पर ही निर्भर करेगा । अगर आप उनके बारे में अपने दिल में नकारात्मक सोच रखते है तो उनके बारें में हमेशा गलत आंकलन करते रहेंगे । हमेशा अपने लिए किसी भी मोके पर उनसे वाद विवाद करने के बहाने तलाशने चाहेंगे । इसका एक उदाहरण ऐसे भीं समझाया जा सकता है । आपने अपनी ऊँगली में सोने की अंगूठी पहनी हुयी है और मेरी ऊँगली कट गयी है । मैं अपनी कटी ऊँगली का दर्द भूल गया ,लेकिन आपकी अंगूठी मेरी जलन का मुख्य कारण है । अगर यही सकारात्मक सोच का अंदाज होता तो मैं खुद यही सोचता कि उसने सोने की अंगूठी अपनी मेहनत से पहनी है और तू तो खुद पहन ही नही सकता क्यूं कि तेरी तो कटी हुयी है । असल में दुःख का कारण यही है । ये दुःख अपनी सोच से ही मिटाया जा सकता है ।